आम की खेती (Mango Cultivation) कैसे करें?

आम की खेती (Mango Cultivation) कैसे करें? – पूरी जानकारी (Mango Farming in Hindi)
आम (Mangifera indica) भारत का राष्ट्रीय फल है और इसे “फलों का राजा” कहा जाता है। यह एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक फल है जो गर्म और उपोष्ण जलवायु में बहुत अच्छी तरह उगता है।
आम की खेती (Mango Cultivation) कैसे करें?
🌱 1. जलवायु और तापमान (Climate and Temperature)
- आम की खेती के लिए उष्ण और उपोष्ण जलवायु उपयुक्त होती है।
- इसके लिए 24°C से 30°C तापमान सबसे अच्छा रहता है।
- पाले और अधिक ठंड वाली जगहों पर आम की खेती नहीं करनी चाहिए।
🏞️ 2. भूमि की आवश्यकताएँ (Soil Requirement)
- आम की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है।
- मिट्टी की pH मान 5.5 से 7.5 के बीच होनी चाहिए।
- भूमि में जल निकास की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।
🌰 3. किस्में (Popular Varieties of Mango)
| राज्य | प्रमुख किस्में |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | दशहरी, लंगड़ा, चौसा |
| बिहार | मालदह, फजली |
| महाराष्ट्र | हापुस (अल्फांसो), केसर |
| कर्नाटक | तोतापुरी, बंगलोरा |
| आंध्र प्रदेश | बांगनपल्ली |
| पश्चिम बंगाल | हिम्मसागर, मालदा |
🧺 4. पौध तैयार करना (Planting Material)
- पौधे आमतौर पर कलम (गुटी या ग्राफ्टिंग) से तैयार किए जाते हैं।
- एक अच्छे ग्राफ्टेड पौधे का चयन करें जो रोग-मुक्त हो।
📅 5. रोपाई का समय (Planting Time)
- जुलाई से अगस्त या फरवरी से मार्च रोपाई के लिए उपयुक्त समय है।
🔲 6. रोपाई की दूरी और विधि (Spacing and Method)
- पौधों के बीच 10 मीटर x 10 मीटर की दूरी रखें।
- गड्ढा: 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें।
- गड्ढे में गोबर की खाद + नीम खली + मिट्टी मिलाकर भरें और पौधा लगाएं।
💧 7. सिंचाई (Irrigation)
- शुरुआती 2–3 साल नियमित सिंचाई करें (हर 10–15 दिन में)।
- बाद में केवल जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें।
- अधिक पानी से जड़ सड़न हो सकती है, इसलिए जल निकास अनिवार्य है।
🧑🌾 8. खाद और उर्वरक (Manure and Fertilizer)
| पौधे की आयु | गोबर की खाद | यूरिया | सिंगल सुपर फॉस्फेट | म्यूरेट ऑफ पोटाश |
|---|---|---|---|---|
| 1 वर्ष | 10-15 kg | 100 gm | 200 gm | 100 gm |
| 5 वर्ष | 30-40 kg | 500 gm | 800 gm | 400 gm |
| 10+ वर्ष | 50-60 kg | 1000 gm | 1000 gm | 1000 gm |
- खाद साल में दो बार (जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर) में दें।
🐛 9. रोग और कीट नियंत्रण (Pests and Diseases)
मुख्य रोग:
- एंथ्रेक्नोज (Anthracnose)
- पाउडरी मिल्ड्यू
- आम की मंजर झुलसा
मुख्य कीट:
- आम की फल मक्खी
- टहनी छेदक कीट
- दीमक
नियंत्रण उपाय:
- रोग लगने पर बोर्डो मिश्रण या कार्बेन्डाजिम का छिड़काव करें।
- फल मक्खी के लिए ट्रैप का उपयोग करें।
🌼 10. फूल और फल (Flowering and Fruiting)
- आम का पौधा 3–5 साल में फल देना शुरू करता है।
- पूरी उपज 8–10 साल बाद मिलती है।
- एक पूर्ण विकसित पेड़ से 200–300 आम मिल सकते हैं।
🧺 11. तुड़ाई और पैकेजिंग (Harvesting and Packaging)
- आम की तुड़ाई तब करें जब फल पका हुआ लेकिन सख्त हो।
- तुड़ाई के बाद छाया में रखें और फिर पैक करें।
- निर्यात के लिए ग्रेडिंग और वाष्प गर्म पानी उपचार (hot water treatment) करें।
💰 12. लाभ और आमदनी (Profit and Yield)
- एक हेक्टेयर से 10वें साल के बाद लगभग 8-10 टन आम मिल सकते हैं।
- बाजार भाव और किस्म के अनुसार आमदनी ₹2 लाख से ₹10 लाख प्रति हेक्टेयर हो सकती है।
✅ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:
- ग्रीष्मकाल में मल्चिंग करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।
- गड्ढे में नीम की खली और कीटनाशक मिलाएं।
- प्रारंभिक वर्षों में अंतरवर्ती फसलें (चना, मूंगफली आदि) उगाकर अतिरिक्त आमदनी लें।



