शीशम (Rosewood farming) की खेती कैसे करें?
शीशम (Rosewood farming) की खेती कैसे करें?– पूरी जानकारी हिंदी में
शीशम (Shisham) को भारतीय रोज़वुड (Indian Rosewood) भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Dalbergia sissoo है। यह एक बहुउपयोगी और मूल्यवान लकड़ी देने वाला पेड़ है जो फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियों, खेती के औजारों और नाव निर्माण में प्रयोग होता है।
शीशम (Rosewood farming) की खेती कैसे करें?
???? 1. शीशम के लिए अनुकूल जलवायु और मिट्टी
- जलवायु: गर्म और आर्द्र जलवायु अच्छी होती है।
- तापमान: 22°C से 45°C के बीच उत्तम होता है।
- वर्षा: 700–1200 मिमी सालाना वर्षा उपयुक्त है।
- मिट्टी: बलुई दोमट या दोमट मिट्टी जिसमें जल निकास अच्छा हो।
- pH: 6.5 से 7.5 उपयुक्त।
???? 2. खेती की तैयारी
- खेत की अच्छी तरह जुताई करें।
- खेत को समतल और खरपतवार मुक्त रखें।
- यदि ज़रूरी हो तो गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाएं।
???? 3. बीज और पौध तैयार करना
- बीज स्रोत: स्वस्थ और परिपक्व फलियों से बीज निकालें।
- बीजों को बोने से पहले 12-24 घंटे पानी में भिगो दें।
- नर्सरी में बीज बोकर 1-2 महीने में पौधे तैयार करें।
- जब पौधे 20–30 सेमी ऊँचे हो जाएँ तब उन्हें खेत में लगाएं।
???? 4. पौध रोपण का तरीका
- रोपण का समय: जून–जुलाई (मानसून) सबसे अच्छा।
- पौधों के बीच दूरी: 3 मीटर x 3 मीटर या 4 मीटर x 4 मीटर।
- गड्ढा: 30x30x30 सेमी आकार का गड्ढा बनाएं।
- गड्ढों में गोबर की खाद और मिट्टी मिलाकर पौधा लगाएं।
???? 5. सिंचाई व्यवस्था
- बारिश के मौसम में सिंचाई की ज़रूरत नहीं।
- गर्मी में महीने में 1-2 बार सिंचाई करें।
- शुरुआती 2 साल तक नियमित सिंचाई करें।
???? 6. निराई-गुड़ाई और देखभाल
- साल में 2-3 बार निराई-गुड़ाई करें।
- टर्माइट और दीमक से बचाने के लिए दवा का छिड़काव करें।
- आवश्यकतानुसार टहनी की कटाई-छंटाई करें।
???? 7. रोग और कीट नियंत्रण
| रोग/कीट | समाधान |
|---|---|
| दीमक | क्लोरोपाइरीफॉस (Chlorpyrifos) का छिड़काव करें |
| लीफ माइनर | नीम तेल या जैविक कीटनाशक का प्रयोग करें |
| फफूंद रोग | कार्बेन्डाजिम या मैंकोजेब का छिड़काव करें |
⏳ 8. कटाई और आय
- कटाई: शीशम पेड़ की कटाई 10–15 साल बाद की जाती है।
- उपज: एक पेड़ से 10–20 क्विंटल लकड़ी प्राप्त हो सकती है।
- बाजार मूल्य: 2000 से ₹5000 प्रति क्विंटल (गुणवत्ता और स्थान के अनुसार)।
???? 9. लाभ और कमाई
- कम पानी में तैयार होने वाला फसल
- बहुत कम देखभाल में अच्छा लाभ
- सरकार की योजनाओं (Agroforestry) में प्रोत्साहन
???? 10. कुछ सुझाव
- शीशम के साथ दलहन फसलें (intercropping) करें जैसे उड़द, मूंग।
- बंजर/कम उपजाऊ भूमि में इसकी खेती करें।
- स्थानीय वन विभाग से पौधे लें और मार्गदर्शन प्राप्त करें।



