Accounting Feature’s of company – (कंपनी के एकाउंटिंग फीचर) Tally in Hindi (Part – 14)

Accounting Feature’s of company - (कंपनी के एकाउंटिंग फीचर) Tally in Hindi (Part - 14)
 Accounting Feature’s of company – (कंपनी के एकाउंटिंग फीचर) Tally in Hindi (Part – 14)

 

Accounting Feature’s of company – (कंपनी के एकाउंटिंग फीचर)


जब हम Company मेनू पर Accounting Features विकल्प को सिलेक्ट करते हैं (अथवा hot key A दबाते हैं) या F1 दबाते है तो हमें निम्नानुसार Accounting Features स्कीन प्राप्त होगी ।

Accounting Features को General,Outstanding Management,Invoicing,Cost Center Management,Invoicing, Budgets & Scenario Management एवं Other Features के रूप में बांटा गया है।


I.General

(a) Integrate Accounts and Inventory:
इस विकल्प का बैलेंस शीट और प्रॉफिट एण्ड लॉस अकाउंट पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पडता है । यदि Yes पर सेट किया जाता है तो यह इनवेंटरी रिकॉंर्डस से स्टॉक/इनवेटरी बैलेंस के आंकडे निकालता है तथा बैलेंस शीट से स्टॉक रजिस्टर्स के लिए एक Drop down प्रदान करता है। यदि NO पर सेट किया जाता है तो यह इनवेंटरी बहियों के आँकड़ो को उपेक्षित कर देता है और बनाए गए लेजर अकाउंट से closing stock balance को मेन्युअली डालना पडता है। यह सुविधा अकाउंट्स और इनवेंटरी को अलग-अलग व्यवस्थित रखती है ।

(b)Income/Expense Statement instead of P& L : डिफाल्ट रूप से यह विकल्प No पर सेट होता है। यदि yes पर सेट करते हैं तो टैली द्वारा गेटवे ऑफ़ टैली मेन्यू मे प्रॉफिट एण्ड लॉस a/c के स्थान पर इनक्म एण्ड एक्सपेंस a/c प्रदर्शित किया जाएगा। इनकम एण्ड एक्सपैंडिचर स्टेटमेंट सामान्यत: नॉन ट्रेडिंग अकाउंट्स हेतु प्रयुक्त होता है और प्रॉफिट एण्ड लॉस a/c वस्तुत: ट्रेडिंग अकाउंट्स हेतु प्रयुक्त होते हैं।

See also  टैली में लेज़र कैसे बनाते है? - How to create Ledger in Tally?

(c) Allow Multi Currency: डिफाल्ट रूप से यह विकल्प No होता है। यदि हम एक से अधिक करेंसी अपनाना चाहते है तो इस विकल्प को Yes पर सेट करे । Gateway of Tally→Accounts Info मेन्यू मे करेंसी मेन्यु प्रदर्शित हो जाएगा ।


II. Outstanding Management

(a) Maintain Bill-Wise Details: इस विकल्प को Yes पर सेट करते हुए Bill-wise सुविधा को activate किया जा सकता है। Bill-wise फीचर को activate करने पर Sundry Creditors और Sundry Debtors के अंतर्गत लेजर मास्टर्स द्वारा Maintain Balance Bill by Bill नामक एक अतिरिक्त ऑप्शन डिस्प्ले कर दिया जाता है। इस Option को Yes पर सेट करने से एक अतिरिक्त विकल्प डिफाल्ट क्रेडिट पीरियड प्रदर्शित होता है।
जब हम एक्टिवेट किए गए Bill-wise option के साथ Sales और Purchase के ब्यौरे डालते हैं तब टैली हमें इनवॉइस को किसी उपयुक्त रेफरेन्स नम्बर से पहचानने के लिए प्रोम्प्ट करता है। इस रेफरेंस के बाद में सही इनवॉइस हेतु पेमेट्स आवंटित करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है, जिससे कितना पैसा बकाया है इसका सही-सही हिसाब रखा जा सके ।

(b) Activate Interest Calculation: इस ऑप्शन का प्रयोग interest को कैलकुलेट करने के लिए किया जाता है।

Use advanced parameters: जब समय-समय पर ब्याज की दरे बदलती रहती हैं तब advanced parameters उपयोगी होता है। यह सुविधा एनेबल करने हेतु इस विकल्प को Yes पर सेट करे।


III. Cost /Profit Centers Management

(a) Maintain Payroll: यदि हम चयनित कंपनी के लिए टैली पर पेरोल इंफॉर्मेशन व्यवस्थित रखना चाहते है तो इस विकल्प को Yes पर Set करे

See also  टैली में स्टॉक आइटम कैसे बनाते है? - Tally Me Stock Items Create Kaise Karte Hai? Tally in Hindi (Part - 42)

(b) Maintain Cost Centers: कास्ट सेंटर को संगठन की उस इकाई के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसके लिए ट्रांजक्शन्स पोस्ट किए जा सकते है। जब इन इकाइयों हेतु केवल लागतों या व्ययों को ही आवंटित किया जाता है तब इन्हें कॉस्ट सेंटर्स के रूप में संदर्भित किया जाता है । इस विकल्प को Yes पर Set करते हुए कॉस्ट सेंटर को एक्टिवेट करते है ।

(i)Use Cost Center for job costing: जॉब/प्रोजेक्ट के लिए सभी आय और व्यय का हिसाब रखने हेतु इस विकल्प को Yes पर Set करे ।

(ii)More than one payroll/cost category: एक से अधिक Payroll अथवा Cost Category बनाने के लिए इस option को Yes पर Set करे ।

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