दिव्या भारती (Divya Bharti Death) की मौत का रहस्य आखिर उस रात क्या हुआ था पढ़िए पूरी सच्चाई।

दिव्या भारती (Divya Bharti Death)
दिव्या भारती 

बॉलीवुड में दिव्या भारती (Divya Bharti) जैसी शायद ही कोई हीरोइन रही हो जिसने करियर के पहले साल में ही 12 फिल्में कीं, जबरदस्त हिट हुई, लेकिन दूसरे ही साल मौत को गले लगा कर चली गई। इनका नाम आते ही ‘ऐसी दीवानगी’ और ‘सात समंदर’ याद आता है। 25 फरवरी 1974 को जन्मी दिव्या आज अगर होतीं तो 48 साल की हो गई होतीं। लेकिन 19 साल की कम उम्र में ही वे चल बसीं और मौत की वजह आज तक साफ नहीं हो पाई।

दिव्या भारती का मृत शरीर
दिव्या भारती का मृत शरीर

क्या दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत सिर्फ एक हादसा थी? या किसी की सोची समझी साजिश? 

दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत 5 अप्रैल 1993 को हुई थी. वो केवल 19 साल तक ही इस दुनिया में रही. दिव्या भारती इस दुनिया से तो चल बसी लेकिन अपने पीछे हजार सवाल छोड़ कर चली गईं.  दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत की गुत्थी आज तक उलझी हुई है. दिव्या भारती (Divya Bharti) 5 अप्रैल 1993 में अपने घर की बालकनी से गिर गईं और उसके कारण उनकी मौत हो गई. दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत की घटना को लेकर कईं तरह की कहानियां सामने आईं थी. किसी ने दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत को साजिश बताया तो किसी ने उनके पति साजिद नाडियाडवाला को उनकी मौत का जिम्मेदार माना. 
तुलसी अपार्टमेंट की वो 5वी  मंजिल की खिड़की जहा से गिरकर दिव्या भारती की मौत हुई थी
तुलसी अपार्टमेंट की वो 5वी  मंजिल की खिड़की जहा से गिरकर दिव्या भारती की मौत हुई थी

मुंबई पुलिस के मुताबिक दिव्या भारती (Divya Bharti Death) की मौत एक एक्सिडेंट है. ये हादसा हुआ 5 अप्रैल 1993 को. जगह थी वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट मुंबई के तुलसी अपार्टमेंट की पांचवी मंजिल का एक अपार्टमेंट. इस अपार्टमेंट के लिविंग रूम की खिड़की से दिव्या रात 11.30 बजे ग्राउंड फ्लोर पर गिरीं. उन्हें नजदीकी कूपर अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्होंने दम तोड़ दिया. 7 अप्रैल को हिंदू रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार पति साजिद नाडियावाला ने किया.


अब बात दिव्या भारती (Divya Bharti Death) की मौत की गुत्थी और उसके आगे पीछे के तमाम जानकारी।

ओम प्रकाश भारती और मीता भारती की बेटी दिव्या भारती (Divya Bharti) ने नवीं क्लास की पढ़ाई के बाद 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया. तब तक वह कुछ मॉडलिंग कर चुकी थीं. गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने उन्हें बतौर हीरोइन लॉन्च करने का फैसला किया था. पर बाद में बात बिगड़ गई. फिर दिव्या तेलुगु में बनी फिल्म बूबली राजा में वेंकटेश की हीरोइन बनीं. फिल्म सुपरहिट रही. हिंदी में लॉन्च पैड बनी राजीव राय की फिल्म विश्वात्मा. इसके बाद दिव्या ने धड़ाधड़ कई हिंदी और तेलुगु फिल्में साइन कीं. तब तक वह परिवार के साथ रहती थीं. पिता से ज्यादा नहीं बनती थी. मां के बारे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह की खबरें आईं कि वह ताश और जुए की लत से पीड़ित थी. छोटा भाई कुणाल दिव्या के बहुत करीब था.

शोला और शबनम फिल्म में गोविंदा के साथ दिव्या भारती
शोला और शबनम फिल्म में गोविंदा के साथ दिव्या भारती

एक दिन दिव्या (Divya Bharti) फिल्म सिटी में शूटिंग कर रही थीं. फिल्म थी शोला और शबनम. वहां हीरो गोविंदा से मिलने साजिद नाम का एक प्रॉड्यूसर आया. दिव्या और साजिद की मुलाकात हुई, प्यार हुआ और दिव्या के 18 साल का होते ही दोनों ने शादी कर ली. दिव्या के पिता ओम प्रकाश इस शादी के खिलाफ थे. उन्होंने कथित तौर पर बेटी से बात बंद कर दी. मगर दिव्या घर का खर्च उठाती रहीं.

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दिव्या भारती पति साजिद के साथ
दिव्या भारती पति साजिद के साथ

दिव्या भारती (Divya Bharti Death) शादी के बाद वह वर्सोवा के तुलसी अपार्टमेंट में रहने लगीं. साजिद और दिव्या ने कुछ हफ्तों तक अपनी शादी को छिपाकर रखा. उस वक्त की मुंबई में सांप्रदायिक तनाव चरम पर था. साजिद मुस्लिम थे, जबकि दिव्या हिंदू. शादी की खबर के बाद हीरोइन के करियर को वैसे ही हिचकोले लग जाते हैं, ऐसा माना जाता था.

5 अप्रैल 1993 रात 11.30 बजे तुलसी अपार्टमेंट वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट मुंबई

बहरहाल, अब बात उस दिन की, जिस दिन ये सब हुआ. 4 अप्रैल को दिव्या एक फिल्म की शूटिंग कर चेन्नई से मुंबई लौटीं. अगले दिन उन्हें शूटिंग के लिए हैदराबाद जाना था. मगर तभी एक ब्रोकर ने उन्हें एक शानदार फ्लैट के बारे में बताया. अरसे से दिव्या अपने नाम पर एक फ्लैट खरीदना चाहती थीं. उनके बायें पैर में चोट लगी थी. इसी का हवाला देकर उन्होंने हैदराबाद वाले प्रॉड्यूसर को बोला, मैं 5 को नहीं 6 अप्रैल को आऊंगी.

शाम को दिव्या (Divya Bharti) भाई कुणाल और ब्रोकर के साथ बांद्रा स्थित नेपच्यून अपार्टमेंट गईं. यहां उन्होंने एक 4 बेडरूम फ्लैट की डील फाइनल की. कैश में भुगतान तय हुआ. दिव्या बहुत खुश थी. उन्हें जल्द ही पति साजिद की फिल्म आंदोलन की शूटिंग के लिए मॉरिशस जाना था. तय हुआ कि उसके बाद वह इस घर में शिफ्ट हो जाएंगी. वहां से दिव्या मां के घर पहुंची. तभी उन्हें फोन आया. उनसे मिलने फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला आ रही थीं. उन्हें आंदोलन के लिए दिव्या की ड्रेस फाइनल करनी थी.
फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला
फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला

दिव्या भारती (Divya Bharti) घर पहुंची. रात के लगभग 10 बजे नीता अपने पति साइकैट्रिस्ट डॉ. श्याम के साथ पहुंची. घर पर दिव्या के साथ उनकी मेड अमृता थी. अमृता छुटपन से दिव्या की देखभाल कर रही थीं. दिव्या, श्याम और नीता लिविंग रूम में बैठ टीवी देखने लगे. तीनों ने कुछ ड्रिंक्स भी लिए. फिर दिव्या लिविंग रूम की खिड़की की तरफ बढ़ीं.

तुलसी अपार्टमेंट
तुलसी अपार्टमेंट 

यह खिड़की पार्किंग की तरफ खुलती थी. इसमें ग्रिल नहीं लगी थी. दिव्या खिड़की पर चढ़ गईं. और बाहर की तरफ पैर कर बैठ गईं. खिड़की के बाहर लगभग एक फुट की पट्टी थी. दोस्तों की मानें तो दिव्या अकसर ऐसा करती थीं. खुली हवा में सांस लेने जैसा कुछ थी यह स्टंटनुमा हरकत. इस दौरान वह लगातार अमृता से बात कर रही थीं. अमृता उस वक्त किचेन में इन तीनों के लिए चखना तैयार कर रही थी. पुलिस को दिए बयान की मानें तो नीता और श्याम उस वक्त वीसी प्लेयर पर कुछ देखने में मशगूल थे.

दिव्या भारती की दुखद मौत 

वो खिड़की जिस पर से गिरकर दिव्या भारती की मौत हुई थी
वो खिड़की जिस पर से गिरकर दिव्या भारती की मौत हुई थी 

खिड़की पर बैठी दिव्या भारती (Divya Bharti) ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया. उनका हाथ स्लिप हो गया. वह नीचे गिरीं. ये सब कुछ ही सेकंड्स में हुआ. जब नीता, श्याम और अमृता भागकर नीचे पहुंचे, तो देखा कि पार्किंग में दिव्या तड़प रही है. चारों तरफ खून का गोला बढ़ता जा रहा था. दिव्या जिंदा थी, मगर उसकी नब्ज तेजी से डूब रही थी. वे उसे अस्पताल ले गए. कूपर हॉस्पिटल. वहां इमरजेंसी के आईसीयू वॉर्ड में दिव्या ने आखिरी सांस ली. दिव्या की आखिरी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की डॉ. त्रिपाठी ने. उनके मुताबिक दिव्या के पेट में कुछ मात्रा में एल्कोहल था.

दो दिन बाद हिंदू रीति रिवाज से दिव्या भारती (Divya Bharti Death) का अंतिम संस्कार कर दिया गया. दुल्हन वाली लाल चुनरी ओढ़े दिव्या की वह आखिरी तस्वीर लोगों के दिमाग में टंग गई. इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के तमाम दिग्गज मौजूद थे. दिव्या भारती की मौत की जांच की वर्सोवा के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जेजी जाधव ने. जांच पांच साल चली. आखिर में ये नतीजा आया कि ये मौत किसी साजिश का नतीजा नहीं थी और न ही आत्महत्या थी. मामले को दुर्घटना बताकर फाइल बंद कर दी गई.

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नौकरानी अमृता की मौत 

जांच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद नीता लुल्ला, उनके पति डॉ. श्याम, दिव्या के पति साजिद, माता-पिता ओम और मीता, भाई कुणाल से पूछताछ की गई. नौकरानी अमृता भी मौके पर मौजूद थी. उनसे पुलिस को महत्वपूर्ण क्लू मिल सकते थे. पर हादसे के फौरन बाद वह भयानक अवसाद का शिकार हो गईं. कुछ ही दिनों बाद उन्हें हार्ट अटैक हुआ. और फिर एक महीने के अंदर उनकी मौत हो गई.

पुलिस के सामने पहला सवाल यह था कि दिव्या भारती (Divya Bharti Death) खिड़की की पट्टी पर बैठने क्यों गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिव्या के दोस्तों को उनकी इस हरकत पर कोई अचरज नहीं हुआ. उनके मुताबिक दिव्या को इस तरह के जोखिम लेने की आदत थी. सवाल यह भी उठा कि साजिद उस वक्त कहां थे. इसका कोई तसल्लीबख्श जवाब नहीं मिलता. कुछ लोग कहते हैं कि दिव्या का पति से झगड़ा चल रहा था. कुछ अटकलें हैं कि पिता द्वारा की जा रही अनदेखी से दिव्या दुखी थीं. कुछ यह भी बताते हैं कि दिव्या अपनी मां की जुआ खेलने की आदत से परेशान थीं. मगर ये सब बातें हैं, जिनका कोई वैधानिक आधार नहीं मिला अब तक.

दिव्या भारती (Divya Bharti) के पिता ने क्या कहा?

ओपी भारती दिव्या भारती (Divya Bharti) के पिता ने अपनी बेटी दिव्या भारती (Divya Bharti) की मौत से पहले के कुछ घंटे साथ में बिताए थे. उन्होंने बताया है, कि उस दिन दिव्या भारती (Divya Bharti) , नीता लूला और उनके पति के साथ वो अपने घर पर ड्रिंक्स इंजॉय कर रहे थे. मेड भी किचन में थी और स्नैक्स बना रही थी. और वहीं से वो दिव्या से बात कर रही थी. तभी उठकर दिव्या बालकनी में चली गईं. वो कहते है की उस वक्त दिव्या नशे में थीं. वो एकदम किनारे पर खड़ी थी. और जैसे ही वो घूमीं, उनका बैलेंस बिगड़ गया. और वो एकदम से नीचे गिर गईं. एक इंटरव्यू में उन्होंने यह स्वीकार किया था. कि दिव्या ने थोड़ी पी रखी थी. लेकिन ये बात सोचने वाली है की की आधे घंटे में दिव्या भारती कितनी पी लेती? और क्या आधे घंटे में वो इतनी नशे म  डूब गई थी की चलने तक का होश नहीं था उनको कोई कहता है की वो बालकनी पर नशे की हालत में बैठी थी अगर वो नशे की हालत में थी और बालकनी के रेलिंग पर बैठी थी तो उनको किसी ने रोका क्यों नहीं? और वो कहते है की वो डिप्रेशन में भी नहीं थी उनके पिता जी कहते है की दिव्या उस रात बहुत खुश थी.फिर ऐसा क्या हुआ की वो अकेले बालकनी में ड्रिंक करके चली आई. लाख कहानियां और बातें बनती रहें, किन्तु सच तो यही है कि दिव्या भारती (Divya Bharti) की मृत्यु  का सच उनके साथ ही चला गया और अब पीछे सिर्फ उलझी हुई पहेलियाँ और राज ही रह गए हैं, जिनसे शायद कभी भी पर्दा नहीं उठ पाएगा।

मौत के बाद दिव्या भारती की रिलीज़ होने वाली फिल्मे 

मौत के बाद दिव्या की दो फिल्में रिलीज हुईं. कमल सदाना के साथ रंग. इसका गाना तुझे न देखूं तो चैन मुझे आता नहीं है, सुपरहिट हुआ. दूसरी फिल्म थी जैकी श्रॉफ के साथ शतरंज. दोनों ही फिल्में तमाम खबरों के बावजूद बॉक्सऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाईं. दिव्या ने उस वक्त अनिल कपूर के साथ फिल्म लाडला की तकरीबन 80 फीसदी शूटिंग पूरी कर ली थी. बाद में उनकी जगह श्रीदेवी को लेकर फिल्म पूरी की गई. इसके अलावा वह मोहरा, विजयपथ और आंदोलन की भी हीरोइन होने वाली थीं.

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साजिद नाडियावाला ने साल 2004 तक जो भी फिल्म बनाई, उसे दिव्या को डेडिकेट किया. फिर उनकी शादी हो गई. इसका भी एक किस्सा है. पत्रकार वर्धा खान दिव्या भारती की मौत पर स्टोरी कर रही थीं. इस सिलसिले में उनकी साजिद से मुलाकात हुई. फिर दोनों में क्रमशः दोस्ती, प्यार और शादी का रिश्ता कायम हुआ.

दिव्या चली गईं. भरी जवानी में चली गईं ये कहना नाकाफी होगा. 19 साल में तो जवानी शुरू होती है. देश के लाखों करोड़ों लोग उनके प्रशंसक थे. जिंदगी और मौत की पहेली अनसुलझी रह गयी 

कुछ ऐसे सवाल जो दिव्या कि मौत पर लोगो के मन में आज भी उठते है।

 1- दिव्या के घर कि मेड अमृता जो दिव्या की मौत के बाद से अवसाद में थी और दिव्या के बारे में काफी जानकारी उसके पास हो सकती थी क्योंकि वो दिव्या को बचपन से लेकर अब तक उसके साथ थी लेकिन मुम्बई पुलिस अमृता से कोई जानकारी क्यों हासिल नही कर पाई। क्या अमृता सच में ऐसे हालात में थी या कोई शाजिश था।

2- दिव्या की मेड अमृता का दिव्या की मौत के कुछ ही दिनों बाद हार्ट अटैक से मौत हो जाती है ये भी शक के दायरे में आता है 

3- दिव्या की मौत के समय साजिद कहाँ थे और दिव्या की मौत का पर्दाफास नही होने पर उन्होंने CBI जांच की मांग क्यों नही कि?

4- डिज़ाइनर नीता लुल्ला सिर्फ आंदोलन फिल्म की ड्रेस के लिए रात को 11 बजे क्यों आयी जबकि फिल्म की शूटिंग अभी शुरू भी नही हुई थी और इतनी भी क्या ज़रूरत आन पड़ी थी की उनको इतनी रात में आना पड़ा जबकि उसके दूसरे दिन दिव्या हैदराबाद की शूटिंग की डेट को आगे बढ़ा दी थी मतलब उसके दूसरे दिन दिव्या पुरे दिन खाली थी क्या दूसरे दिन नीता नही आ सकती थी। इसमें भी संदेह होता है।

5- जिस पार्किंग की जगह पर दिव्या की गिरकर मौत हुई वह पर हररोज कार खड़ी रहती थी सिर्फ उसी दिन वो कार वहाँ पर क्यों खड़ी नही थी?

6- दिव्या जैसी सेलिब्रिटी के घर की खिड़की में ना ही कोई दरवाजा था और ना ही कोई लोहे का सुरछा रॉड लगा था मतलब उस खिड़की से कभी भी कोई भी आ जा सकता था। एक मशहूर सेलिब्रिटी के घर की पूरी तरह से खिड़की विहीन होना भी शक के दायरे में लाता है 1993 कोई 1903 नही था जो की घर की खिड़की में कुछ न हो।

7- उस रात दिव्या ने शराब पिया था या पिलाया गया था। जिससे लोगो को ये मालूम पड़े कि दिव्या उस रात शराब के नशे में थी।

8- दिव्या से घर में कोई मिलने आया है (नीता लुल्ला और उसके पति) और दिव्या उन्हें छोड़कर जाकर अपनी बिना ग्रिल वाली खिड़की पर रात 11:30 बजे बैठती है क्यों? इतनी रात को वहा बैठने का क्या कारण हो सकता है?

9- 1993 में रात को 11:30 बजने के बाद भी नीता लुल्ला और उनके पति को अपने घर जाने के लिए देर नही हो रहा था। 

10- दिव्या ने उसी दिन फ्लैट ख़रीदा था मतलब पैसे का टेंशन नही हो सकता माँ बाप का टेंशन इतना बड़ा नही था कि दिव्या को आत्महत्या करनी पड़े। साजिद घर पर क्यों नही थे और कहाँ थे इसकी अस्पष्ट जवाब क्यों नही मिला

ये ऐसे शक के बिंदु है जिसे हर कोई जानना चाहता है। कि आखिर दिव्या की मौत कैसे हुई दिव्या की मौत में हर तरफ से साज़िश ही साज़िश नज़र आती है। सालो गुज़र जाने के बाद भी आज भी दिव्या भारती (Divya Bharti Death) की मौत एक अनसुलझी पहेली है जो अब शायद कभी सुलझ नही पायेगा।

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