प्रेगनेंसी में कौन सा फल खाए? – Pregnancy Me Koun Sa Fruits Khaye in Hindi?

प्रेगनेंसी में कौन सा फल खाए - Pregnancy Me Koun Sa Fruits Khaye in Hindi
प्रेगनेंसी में कौन सा फल खाए – Pregnancy Me Koun Sa Fruits Khaye in Hindi

 एक गर्भवती महिला को अपनी लालसा (cravings) को संतुष्ट करने के लिए खाने के बाद डेसर्ट से परहेज करना चाहिए। इस स्थिति में फल सबसे सही समाधान के रूप में सामने आता है। ये आपकी लालसा को संतुष्ट करने और शरीर को पोषण की आवश्यकता को पूरा करने के लिए मिठास प्रदान करते हैं। 


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नीचे हम आपको उन सात खास फलों के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन आप गर्भावस्था के दौरान कर सकती हैं।


प्रेगनेंसी में कौन सा फल खाए? – Which fruit to eat during pregnancy?


संतरा – Orange

संतरा महिला को हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और फोलेट का एक बड़ा स्रोत भी है। फोलेट (एक विटामिन बी) बच्चे में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के दोषों को रोकने में मदद करता है, जिसे तंत्रिका ट्यूब दोष भी कहा जाता है। संतरा भी विटामिन सी का एक बड़ा स्रोत है, इसमें एंटीऑक्सिडेंट के गुण भी पाए जाते हैं जो कोशिका क्षति को रोकने में मदद करते हैं। विटामिन सी भी शरीर को अधिकतम लोहे (Maximum Iron) को अवशोषित (Absorb) करने में मदद करता है।


आम – Mango

आम विटामिन सी का एक और समृद्ध स्रोत है। एक आम में सभी डेली रेकमेंडेड अलोवेन्स (Recommended Dietary Allowance: The RDA) 100% पाए जाते हैं। आम में विटामिन ए भी अधिक मात्रा में होता है, जिसकी कमी से बच्चे का जन्म के समय कमजोर प्रतिरक्षा और अतिसार और श्वसन संक्रमण जैसी जटिलताओं के उच्च जोखिम से जुड़ा होता है। शायद ही कभी विटामिन ए की अधिकता संभव है। गर्भावस्था के आहार में आम एक बेहतरीन अतिरिक्त है। लेकिन, पोषण संतुलन बनाए रखने के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के फलों के साथ मध्यम मात्रा में खाना चाहिए। अधिक मात्रा में आम का सेवन भी दूसरी जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए।  

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एवोकाडो – Avokadu

एवोकाडो मीठा तो नहीं लेकिन स्वादिष्ट अवश्य होता है। अन्य फलों की तुलना में एवोकाडो में फोलेट अधिक मात्रा में होता है। ये निम्नलिखित के बड़े स्रोत होते हैं:-

  • फाइबर (Fiber)
  • कोलीन (Choline)  
  • पोटैशियम (Potassium)
  • विटामिन सी (Vitamin C)
  • विटामिन बी (Vitamin B)
  • विटामिन के (Vitamin K)
  • मैनिशियम (Magnesium)

एवोकाडो में आयरन भी काफी अधिक मात्रा में मौजूद होता है। कुछ महिलाओं का मानना है कि एवोकाडो मितली से राहत देने में भी मदद करता है, क्योंकि इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। पोटेशियम पैर की ऐंठन से राहत पाने में मदद कर सकता है, जो कि गर्भावस्था के समय होने वाली एक आम समस्या है। अक्सर शरीर में पोटेशियम और मैग्नीशियम कि कमी होने के कारण पैर में ऐंठन होती है। कोलिन बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका विकास के लिए एक और महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। कोलिन की कमी संभवतः जीवनकाल स्मृति हानि (Memory Impairment) और तंत्रिका ट्यूब दोष (Neural Tube Defects) का कारण बन सकती है। 

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नींबू – lemon

कई गर्भवती महिलाओं का कहना है कि नींबू को चूसने, नींबू पानी या नींबू का रस पीने से उन्हें गर्भावस्था में मितली से राहत मिलती है। नींबू विटामिन सी में उच्च होता है और कब्ज से राहत देते हुए पाचन तंत्र को उत्तेजित करने में मदद करता है। नींबू संभवतः दांतों के तामचीनी (Tooth Enamel) को मिटा सकता है, इसलिए उसे खाने के बाद अपने मुंह को अच्छी तरह से धोना एवं कुल्ला करना चाहिए। 

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केला – Banana

केला गर्भावस्था के दौरान खाने वाले स्वस्थ और फायदेमंद फलों में से एक है। यह पोटेशियम, विटामिन बी-6, विटामिन सी और फाइबर का बड़े स्रोत है। गर्भावस्था के दौरान कई कारणों से कब्ज हो सकता है। 

  • तनाव और चिंता (Stress and Anxiety)
  • कम फाइबरयुक्त चीजों का सेवन (Low-fiber intake)
  • प्रसवपूर्व विटामिन में आयरन (Iron in Prenatal Vitamins)
  • आंतों पर गर्भाशय का दबाव (Uterine Pressure on Intestines)

केला में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से गर्भावस्था में कब्ज को होने से रोकता है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि विटामिन बी-6 गर्भावस्था में मितली और उल्टी को दूर करने में भी मदद कर सकता है।  


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जामुन – Jamun

जामुन कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, फाइबर और फोलेट से भरपूर होता है। इसमें फ्लेवोनोइड्स और एंथोसायनिन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी होते हैं। जब तक एक गर्भवती महिला को गर्भकालीन मधुमेह नहीं होता है, कार्बोहाइड्रेट का प्रत्येक दिन 50%-60% गर्भावस्था कैलोरी होता है। कार्बोहाइड्रेट प्लासेंटा (Placenta) से बहुत आसानी से गुजरकर गर्भ में विकास कर रहे भ्रूण को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए पोषक तत्वों से भरपूर कार्बोहाइड्रेट जैसे कि जामुन का सेवन करना चाहिए। प्रोसेस्ड और सरल कार्बोहाइड्रेट जैसे डोनट्स, केक और कुकीज आदि का गर्भावस्था में सेवन करना महिला के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। 

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सेब – Apple

सेब फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत हैं। गर्भावस्था में सेब खाने से शिशु को ढेरों लाभ मिल सकते हैं। विश्वस्त सूत्रों के एक अध्ययन में पाया गया है कि गर्भावस्था में सेब खाने वाली महिलाओं के बच्चों में बचपन की एलर्जी और दमा होने की संभावना कम होती है। 


गर्भावस्था में इन फलों के सेवन से बचें 

हालांकि, हर तरह के फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन फिर भी गर्भावस्था के दौरान कुछ फलों  के सेवन से बचना चाहिए। जैसे कि:- 

  • खजूर (Dates) 
  • पतिता (Papaya)
  • अनानास (Pineapples)
  • काला अंगूर (Black Grapes)

गर्भावस्था में फलों का सेवन करने के फायदे 

गर्भावस्था में फलों का सेवन करने के ढेरों फायदे हैं, यही कारण है कि गर्भावस्था के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भवती महिला की सेहत, एलर्जी, गर्भावस्था का सप्ताह और दूसरी ढेरों चीजों को ध्यान में रखते हुए फलों का सेवन करने का सुझाव देते हैं।

  • यह कब्ज कि समस्या को दूर करते हैं  
  • फल महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का स्रोत हैं   
  • मीठा खाने कि लालसा को कम करते है  
  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है 
  • ब्लड शुगर को प्रबंधित करने में मदद करता है 
  • किसी भी संभावित जोखिम के बिना मतली को राहत देने में मदद करते हैं 
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गर्भावस्था एक बहुत ही खूबसूरत और कोमल पल है। इस दौरान जरा सी लापरवाही आपके साथ-साथ आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान आपको खान-पान, एक्सरसाइज या दैनिक जीवन के दूसरे सभी कामों को लेकर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आपको गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार कि कोई दिक्कत या परेशानी है तो आप हमसे तुरंत संपर्क कर सकती हैं। हमारे पास देश के सबसे बेहतरीन स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) हैं जो आपकी समस्या को कुछ ही समय में खत्म कर आपकी नॉर्मल डिलीवरी होने कि संभावना को बढ़ा सकते हैं। अगर आप नॉर्मल गर्भावस्था और नॉर्मल डिलीवरी कि चाह रखती हैं तो तुरंत प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें। हम आपसे बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।   

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|

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