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Stock Market में MACD (Moving Average Convergence Divergence) क्या होता है?

MACD (Moving Average Convergence Divergence) एक तकनीकी संकेतक है जिसका उपयोग स्टॉक्स (शेयर बाजार) और अन्य वित्तीय उपकरणों के विश्लेषण में किया जाता है। यह संकेतक एक ट्रेंड-फॉलोइंग और Momentum-indicator दोनों के रूप में काम करता है, जो यह समझने में मदद करता है कि किसी स्टॉक या अन्य संपत्ति की कीमत कब बढ़ने या गिरने वाली है।

Table of Contents

Stock Market में MACD क्या होता है? पूरी जानकारी हिंदी में

MACD के बारे में पूरी जानकारी: Moving Average Convergence Divergence

  1. MACD क्या है? MACD दो मूविंग एवरेजेज के बीच अंतर को मापता है:
    • 12 दिन की एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) (तेज मूविंग एवरेज)
    • 26 दिन की एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) (धीमी मूविंग एवरेज)

    MACD इन दोनों की बीच के अंतर को दिखाता है और इसके आधार पर ट्रेडिंग निर्णय लिया जाता है।

  2. MACD की गणना कैसे होती है? MACD की गणना इस प्रकार की जाती है:MACD=12-day EMA−26-day EMAtext{MACD} = text{12-day EMA} – text{26-day EMA}इस गणना से हमें एक लाइन मिलती है, जिसे MACD लाइन कहा जाता है।
  3. सिग्नल लाइन: सिग्नल लाइन एक 9 दिन की एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) होती है, जो MACD लाइन के ऊपर या नीचे स्थित होती है। सिग्नल लाइन का उपयोग क्रॉसओवर के संकेत को पहचानने के लिए किया जाता है।
  4. MACD Histogram: MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर MACD Histogram के रूप में दिखाया जाता है। यह एक बार ग्राफ की तरह दिखाई देता है और यह दर्शाता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर बढ़ रहा है या घट रहा है।
    • जब MACD और सिग्नल लाइन के बीच अंतर बढ़ता है, तो यह एक मजबूत ट्रेंड का संकेत होता है।
    • जब MACD और सिग्नल लाइन के बीच अंतर घटता है, तो यह ट्रेंड की कमजोरी या पलटाव का संकेत हो सकता है।
  5. MACD का उपयोग कैसे करें?
    • क्रॉसओवर (Crossover):
      • जब MACD लाइन, सिग्नल लाइन को ऊपर से नीचे की ओर क्रॉस करती है, तो यह बियरिश संकेत (बेचने का संकेत) माना जाता है।
      • जब MACD लाइन, सिग्नल लाइन को नीचे से ऊपर की ओर क्रॉस करती है, तो यह बुलिश संकेत (खरीदने का संकेत) माना जाता है।
    • डाइवर्जेंस (Divergence):
      • यदि स्टॉक की कीमत नए उच्चतम या न्यूनतम स्तर पर जा रही है, लेकिन MACD इसका अनुसरण नहीं कर रहा है, तो इसे डाइवर्जेंस कहा जाता है। यह भविष्य में ट्रेंड के पलटने का संकेत हो सकता है।
    • हिस्टोग्राम की दिशा:
      • अगर हिस्टोग्राम की बारें लंबी हो रही हैं और ऊपर जा रही हैं, तो यह एक बुलिश संकेत हो सकता है।
      • अगर हिस्टोग्राम की बारें छोटी हो रही हैं और नीचे जा रही हैं, तो यह एक बियरिश संकेत हो सकता है।
  6. MACD के लाभ:
  7. MACD के नुकसान:
    • MACD अक्सर देरी से संकेत देता है, क्योंकि यह मूविंग एवरेजेस पर आधारित होता है।
    • MACD कभी-कभी फॉल्स सिग्नल भी दे सकता है, खासकर जब बाजार बहुत चंचल या रेंज-बाउंड हो।

निष्कर्ष: MACD (Moving Average Convergence Divergence) एक प्रभावी तकनीकी संकेतक है जो स्टॉक्स और अन्य वित्तीय उपकरणों के ट्रेंड और Momentum को समझने में मदद करता है। हालांकि, इसे अकेले उपयोग करने के बजाय अन्य संकेतकों के साथ मिलाकर इसे अधिक प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

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